अंग्रेज़ी सीखने वालों के लिए सुनना सबसे कठिन कौशल है। ऑडियोबुक के फ़ायदे, दस काम की सलाहें और हर स्तर के लिए ग्यारह मुफ़्त क्लासिक।
अंग्रेज़ी व्याकरण समझना आसान नहीं, और जूझने वाले सिर्फ़ सीखने वाले ही नहीं हैं। अंग्रेज़ी के ज़्यादातर मूल वक्ताओं के लिए भी व्याकरण कठिन है और अक्सर बेकार-सा लगता है। अपनी मातृभाषा हम सुनकर और दोहराकर सीखते हैं; क्यों, यह कभी नहीं पूछते। तो फिर इस सबमें व्याकरण की जगह कहाँ है?
पहली दिक्कत है अपनी ही मातृभाषा पर नियम लागू करने की कोशिश। उल्टी दिशा में सोचना और जो सहज रूप से सीखा गया है उस पर बनावटी चीज़ चढ़ाना कठिन होता है। और यह इतना उलझा हुआ क्यों है? मार्क ट्वेन ने उन्नीसवीं सदी के अंत में अंग्रेज़ी वर्तनी सुधारने की योजना और वर्णमाला को सरल बनाने का प्रस्ताव रखा था।
दूसरी दिक्कत यह है कि भाषा लगातार बदलती है, पर नियम जहाँ थे वहीं रहते हैं। भाषा विकसित होती जाती है और सिद्धांत रूप में नियमों को भी साथ चलना चाहिए — पर वे नहीं चलते। आज कोई वाक्य व्याकरण की दृष्टि से गलत हो, तब भी अर्थ हम तक पहुँच जाता है। एसएमएस इसका सबसे साफ़ उदाहरण हैं कि हमारे बात करने का तरीक़ा कैसे बदल रहा है।
दूसरी ओर यह भी साफ़ है कि बहते हुए और सटीक लिखने के लिए व्याकरण की अच्छी समझ चाहिए। वरना हम शब्द, वाक्य, उपवाक्य और पूरा पाठ कैसे गढ़ पाते? व्याकरण के बिना यह लेख भी बेसिलसिला होता।
एक बात पक्की है: व्याकरण के बिना दूसरी भाषा सीखना कठिन है। शायद इससे कुछ हद तक यह भी समझ आता है कि अंग्रेज़ी के मूल वक्ताओं को कोई और भाषा सीखने में इतनी मुश्किल क्यों होती है। दुनिया जैसे-जैसे और जुड़ती जा रही है, दूसरी भाषाओं का महत्व हर दिन और साफ़ होता जा रहा है। इसलिए व्याकरण सीखने की प्रक्रिया का ज़रूरी हिस्सा बना रहता है।
भाषा सीखने वाले जानते हैं कि व्याकरण ऊबाऊ है। पर आज अंग्रेज़ी व्याकरण पढ़ाने के अधिक स्वाभाविक तरीक़े मौजूद हैं, जिनमें आगमनात्मक और निगमनात्मक शिक्षण, साथ ही संवादमूलक विधियाँ शामिल हैं, जो खेलों के सहारे सीखने को रोचक बना देती हैं।
फिर भी क्लासिक व्याकरण की किताब से पीछा छुड़ाना मुश्किल है। दुनिया भर में आप ऐसे सीखने वाले देखेंगे जो एक ऐसी ही किताब में सिर गड़ाकर भाषा की बारीकियाँ सुलझाने में लगे हैं। अच्छी व्याकरण की किताब शिक्षकों के लिए और अंग्रेज़ी के मूल वक्ताओं के लिए भी काम की साथी है।
व्याकरण की बुनियाद मज़बूत हो तो आपके वाक्यों की बनावट सुधरती है और आप सही तथा और असरदार ढंग से अपनी बात कह पाते हैं।
व्याकरण की कई लोकप्रिय सशुल्क किताबें हैं, जैसे Cambridge University Press से प्रकाशित English Grammar in Use, जो छोटे-छोटे उदाहरणों के साथ पूरा खाका देती है। लेकिन सार्वजनिक क्षेत्र में मुफ़्त व्याकरण की किताबें भी ढेरों हैं। इनमें से बहुतेरी पुरानी हैं, और पुरानी होने का मतलब बीती हुई नहीं है — उलटे। इनकी व्याख्याएँ आज भी टिकती हैं, और संदर्भ-ग्रंथ के रूप में ये बेहतरीन हैं। तो आप ख़ुद पढ़ रहे हों, कोई पाठ तैयार कर रहे हों, या बस अंग्रेज़ी के अनंत नियमों और बारीकियों को और गहराई से समझना चाहते हों — ये दस मुफ़्त किताबें आपके साथ चलेंगी:
An English Grammar में व्याकरण के बिंदु वर्णनात्मक ढंग से रखे गए हैं, और इसी से वे आसानी से समझ आते हैं। जिन्हें सीखने के अधिक पारंपरिक तरीक़े भाते हैं, उनके लिए यह अच्छा संदर्भ-ग्रंथ है।
अगर आप व्याकरण के सिलसिलेवार पाठ चाहते हैं, तो 1923 की यह किताब सही बैठ सकती है। पढ़ते-पढ़ते अभ्यास हल कीजिए और अपनी समझ जाँचते चलिए। उदाहरण भरपूर हैं और नियम साफ़-साफ़ समझाए गए हैं।
यह किताब पढ़ने में सबसे आसान नहीं है, फिर भी अपने समय की एक कृति है। 1851 में लिखी गई, इसने व्याकरण के प्रयोग को कुछ हज़ार पृष्ठों में समेट दिया — यही अपने आप में बड़ी बात है। इसे उठाने से पहले अंग्रेज़ी व्याकरण पर अच्छी पकड़ होनी चाहिए। व्याकरण के शौक़ीनों के लिए बड़ा आनंद!
अंग्रेज़ी सीखने वालों के लिए तीन भागों की मज़बूत मार्गदर्शिका, समझ पक्की करने वाले अभ्यासों के साथ। पहला भाग शब्द-भेदों पर है, दूसरा रूप-परिवर्तन और वाक्य-रचना पर, और अंतिम भाग वाक्य-विश्लेषण पर। संबंधित अभ्यास किताब के अंत में मिलेंगे।
शब्दों की यह अपेक्षाकृत छोटी मार्गदर्शिका आपका शब्द-भंडार ज़रूर बढ़ाएगी और प्रयोग भी निखारेगी। शब्द-भेद साफ़ और सटीक ढंग से समझाए गए हैं। इससे बढ़कर, इसमें शब्दों के प्रयोग की आम गलतियाँ, अनियमित क्रियाओं की तालिका और अंत में दोहराने के प्रश्न भी हैं।
जैसा नाम से लगता है, यह किताब ऊँचे स्तर के व्याकरण पर टिकी है। समझने में सबसे आसान नहीं, पर इसमें काम के अभ्यास हैं। उन्नीसवीं सदी के अंत में लिखी गई यह किताब आज भी प्रासंगिक है और दोहराने के लिए अच्छी बैठती है — अंग्रेज़ी के मूल वक्ताओं के लिए भी और ऊँचे स्तर के सीखने वालों के लिए भी।
उन्नीसवीं सदी की इस किताब से बाल्च ने भाषा सीखने का तरीक़ा बदलने की कोशिश की…
“यहाँ किया गया यह विनम्र प्रयास भाषा को सचमुच दार्शनिक सिद्धांतों पर रखकर समझाने का रास्ता खोलने के लिए है; ये सिद्धांत ठीक से समझाए जाएँ तो बेहद सरल और दूर तक उपयोगी निकलते हैं। यह बात कितनी सफलता से निभाई गई, इसका निर्णय पाठक करेगा।” – विलियम स्टीवंस बाल्च
अंग्रेज़ी पढ़ाने वालों के लिए यह बेहद काम का संसाधन है। अगर आप पाठ शुरू करने की प्रेरणा और विचार खोज रहे हैं, या किसी बिंदु को साफ़ समझाने का तरीक़ा, तो यह किताब मदद करेगी। इसमें समझ जाँचने के बहुत उपयोगी प्रश्न हैं, और अंग्रेज़ी व्याकरण पढ़ाने वाले किसी भी व्यक्ति के लिए यह आदर्श साथी है।
अंग्रेज़ी लेखक के रूप में जॉनसन ने अंग्रेज़ी साहित्य और भाषा में अपार योगदान दिया। अपने समय के कवि, समीक्षक और संपादक, उन्होंने जॉनसन का शब्दकोश तैयार किया, जो Oxford English Dictionary के आने तक लंबे समय तक सर्वश्रेष्ठ ब्रिटिश शब्दकोश माना जाता रहा। अंग्रेज़ी की जड़ें समझने के लिए एक छोटा-सा पाठ। उस पुरानी लेखन-शैली की आदत पड़ने में थोड़ा समय लगता है।
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